Agra News: आगरा के फ़तेहबपुर सीकरी क्षेत्र स्थित स्थानीय मंडी समिति में लेवी पंजीकरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। 1 अप्रैल से शुरू हुई लेवी प्रक्रिया के दौरान किसानों के नाम दर्ज न किए जाने के आरोपों ने माहौल को गरमा दिया। बुधवार को बड़ी संख्या में किसानों ने मंडी परिसर में एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
नाम दर्ज न होने से भड़के किसान
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने नाम दर्ज कराने मंडी पहुंचे थे, लेकिन उन्हें वारदाना (बोरी) की कमी का हवाला देकर वापस लौटा दिया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि जब वे दोबारा पहुंचे तो रजिस्टर में पहले से ही करीब 100 नाम दर्ज पाए गए। इस स्थिति ने किसानों के बीच असंतोष और अविश्वास पेड़ा कर दिया। किसानों कहना है कि अगर पहले से ही नाम दर्ज किए गए थे तो उन्हें जानकारी क्यो नहीं दी गई। इससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मंडी परिसर में तनावपूर्ण स्थिति
विरोध के दौरान मंडी परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। किसानों और मंडी प्रशासन के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। मौके पर मौजूद मार्केटिंग इंस्पेक्टर से किसानों ने जवाब मांगा और निष्पक्ष जांच की मांग की।किसानों का आरोप है कि लेवी पंजीकरण में अनियमितता की गई है और कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी की गई। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।जिससे दोषी लोग जल्द ही पकड़े जाए।
अधिकारियों का पक्ष
वही, मंडी के मार्केटिंग इंस्पेक्टर ने किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि लेवी पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह से नियमों के तहत ही संचालित की जा रही है और किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। उन्होंने किसानों से शांति बनाए रखने की अपील भी की। अधिकारियों का यह कहना है कि वारदाना की उपलब्धता सीमित होने के कारण कुछ किसानों को इंतजार करना पड़ा, लेकिन प्रक्रिया में किसी तरह की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई नहीं की गई।
जांच के आदेश की तैयारी (Agra News)
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच कराने की बात कही है। सूत्रों के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। प्रदर्शन में शामिल किसानों-कृष्णा चौधरी, समुद्र सिंह (सरपंच), हरजीत (सरपंच),परवीन सिंह, यशपाल सिंह, जवाहर सिंह और भानुप्रताप सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।किसानों ने स्पष्ट कहा है उन्हें पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया चाहिए। अगर प्रशासन ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया तो आंदोलन ओर तेज किया जाएगा।
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