Agra News: आगरा में नकली दवाओं के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने के बाद औषधि विभाग ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। जांच में सामने आया है कि जीवनरक्षक दवाओं का समेत कई महत्वपूर्ण दवाओं की नकली खेप बाजार में सप्लाई की जा रही थी। मामले की जांच के बाद 14 थोक दवा कारोबारियों और संबंधित फर्मों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों तक फैला हुआ था और लंबे समय से नकली दवाओं की खरीद-फरोख्त में सक्रिय था।
गोपनीय सूचना के बाद शुरू हुई जांच: (Agra News)
सहायक औषधि आयुक्त को सूचना मिली थी कि बाजार में दर्द, सुजान और अन्य बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाओं की नकली खेप बेची जा रही है। सूचना मिलने के बाद औषधि विभाग की टीम ने पिछले वर्ष नवंबर में कई फार्मो के रिकॉर्ड और स्टॉर्क की जांच शुरू की।
जांच के दौरान दवा कारोबारियों से खरीदी और बेची गई दवाओं के बिल, स्ट्रोक रजिस्टर और सप्लाई चेन का मिलन किया गया। कई दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई। कुछ बिल फर्जी पाए गए, जबकि जिन कंपनियों के नाम पर दवाओं की खरीद दिखाई गई थी, उन्होंने ऐसी किसी बिक्री से इनकार कर दिया।
लखनऊ लैब की रिपोर्ट में नकली निकली दवाई
जांच के दौरान कई दवाओं के नमूने लेकर राजकीय विश्लेषक प्रयोगशाला, लखनऊ भेजे गए। लैब मै कुछ बेच की दवाओं को नकली घोषित किया गया। इसके बाद विभाग ने संबंधित कंपनियों से भी पुष्टि कराई। निर्माता कंपनियों ने स्पष्ट किया कि जिन वैच नम्बर की दवाएं बाजार में मिलीं, उनका निर्माण उनकी ओर से नहीं किया गया था। इस खुलासे के बाद अधिकारियों ने नकली दवाओं की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की कड़ियां जोड़नी शुरू की। जांच में कई फर्मों और थोक कारोबारियों के बीच लेन-देन के एंट्री मिले।
14 कारोबारियों और फर्मों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
औषधि विभाग के जांच में आगरा और अन्य स्थानों के कई थोक दवा कारोबारियों की भूमिका सामने आई है। आरोप है कि इन फर्मों के माध्यम से नकली दवाओं की सप्लाई की जा रही थी। विभाग ने संबंधित कारोबारियों और फर्मों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि नकली दवाओं की सप्लाई किन-किन जिलों और राज्यों तक की गई।
13 प्रातस्थानों पर छापेमारी, 35 दवाओं के नमूने लिये गए
मामले के सामने आने के बाद औषधि विभाग ने आगरा के कम्यूटोला, मुबारक महल, जूता बाजार और नवाबिया मार्केट सहित कई इलाकों में एक साथ छापेमारी की। टीमों ने 13 संदिग्ध दवा प्रतिष्ठानों की जांच की। कार्रवाई के दौरान दो प्रतिष्ठानों को सील किया गया, जबकी 35 संदिग्ध दवाओं के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। अधिकारियों का कहना है कि इन नमुनो की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि अन्य दवाएं भी मानकों पर खरी नहीं उतरती हैं तो संबंधित फर्मों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई जारी
औषधि विभाग का कहना है नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग इसी संदिग्ध फर्मों के रिकॉर्ड की जांच कर रहा है और सप्लाई चेन की पूरी पड़ताल की जा रही है। पुलिस भी मामले में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि दवाएं केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर से ही खरीद और बिल अवश्य ले। यदि किसी दवा की गुणवत्ता या पेकिंग को लेकर संदेह हो तो तत्काल औषधि विभाग को सूचना दे। विभाग का कहना है कि लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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