Agra Cyber Crime: मैट्रीमोनियल साइट से 7 युवतियों को बनाया शिकार, सॉफ्टवेयर इंजीनियर गिरफ्तार

Published On: July 10, 2026
Follow Us
Agra Cyber Crime: आरोपी सॉफ्टवेयर इंजीनियर उत्कर्ष गुप्ता

Agra Cyber Crime: आगरा साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आगरा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। न्यू आगरा थाना पुलिस और साइबर क्राइम टीम ने दयालबाग निवासी उत्कर्ष गुप्ता सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गिरफ्तार किया है, जिस पर मैट्रीमोनियल वेबसाइट पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवतियों को अपने जाल में फंसाने और क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर लाखों रूपये की ठगी करने का आरोप है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अलग-अलग राज्यों की सात युवतियों को निशाना बनाया और उनसे बड़ी रकम ऐंठ ली।

मैट्रीमोनियल साइट पर बनाई फर्जी पहचान

पुलिस के अनुसार आरोपी ने खुद को सॉफ्टवेयर इंजीनियर और सफल क्रिप्टो ट्रेडर बताकर मैट्रीमोनियल वेबसाइट पर आकर्षक प्रोफाइल तैयार की थी। प्रोफाइल के माध्यम से युवतियों से संपर्क बढ़ाया जाता था। कुछ समय तक विश्वास जीतने के बाद आरोपी उन्हें अधिक मुनाफे का लालच देकर क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए प्रेरित करता था। जब पीड़िताएं उनके झांसे में आ जाती थी, तब उनके अलग-अलग माध्यमों से रूपये ट्रांसफर कराए जाते थे।

सात महीनों में लाखों रूपये की ठगी

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने एक पीड़िता से करीब सात महीनों के दौरान लगभग 10 लाख रूपये की ठगी की। जांच के दौरान दिल्ली, पंजाब और तेलंगाना सहित कई राज्यों की सात युवतियों से धोखाधड़ी के तार आगरा से जुड़े मिले। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ हैदराबाद में भी साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज है।

बीटेक के बाद शुरू किया ठगी का खेल

पुलिस के मुताबिक आरोपी ने वर्ष 2019 में नोएडा के एक विश्वविधालय से बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी। पढ़ाई के बाद उसने दोस्तों के साथ क्रिप्टो ट्रेडिंग से जुड़ा काम शुरू किया, लेकिन बाद में विवाद होने पर वह अलग हो गया। इसके बाद उसने ऑनलाइन ठगी का रास्ता अपनाया और मैट्रीमोनियल वेबसाइट के जरिए लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।

डीसीपी साइबर क्राइम के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने कई मामलों में अपनी गुना स्वीकार किया। उसके खिलाफ धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस लेन-देन के रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें अन्य लोग भी शामिल है या नहीं।

देश के कई राज्यों तक फैला नेटवर्क: (Agra Cyber Crime)

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी का साइबर ठगी का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, विहार, हरियाणा, पंजाब और केरल तक फैला हुआ था। पुलिस अन्य राज्यों की एजेंसियों के साथ भी संपर्क में है ताकि सभी मामलों की जानकारी जुटाकर आगे की कार्रवाई की जा सके।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी मैट्रीमोनियल वेबसाइट या सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बने नए परिचित व्यक्ति के कहने पर निवेश न करें। विशेष रूप से क्रिप्टो ट्रेडिंग या अधिक मुनाफे का दावा करने वाले प्रस्तावों की अच्छी तरह जांच करें। किसी भी तरह की साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

Agra News: ताजगंज में 22 भवन सील, 8000 वर्गमीटर अवैध कॉलोनी पर चला बुलडोजर

Manoj Sharma

मनोज शर्मा एक डिजिटल न्यूज़ राइटर हैं, जो आगरा और उत्तर प्रदेश की ताज़ा खबरें, क्राइम अपडेट्स और स्थानीय मुद्दों पर लिखते हैं। इनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment