Agra News: आगरा में श्रावण मास के पहले सोमवार को ताजमहल परिसर को लेकर एक बार फिर धार्मिक विवाद चर्चा का विषय बन गया। अखिल भारत हिन्दू महासभा के कुछ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने ताजमहल को तेजोमहालय बताते हुए वहां जलाभिषेक करने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर उन्हें ताजमहल परिसर की और बढ़ने से रोक दिया।
मामला रविवार देर रात से ही चर्चा में था। संगठन के नेताओं ने पहले ही घोषणा की थी कि श्रावण मास के पहले सोमवार को गंगाजल और कांवड़ के साथ जलाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने ताजमहल के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया और आने-जाने वाले मार्गों पर निगरानी बड़ा दी।
कार्यकर्ताओं को पश्चिमी गेट पर रोक गया (Agra News)
बताया गया कि सोमवार सुबह कई कार्यकर्ता गंगाजल लेकर ताजमहत के पश्चिमी गेट की ओर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें निर्धारित बैरिकेडिंग के आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई, लेकिन स्थिति नियंत्रण में रही। अखिल भारत हिन्हु महासभा लंबे समय से यह दावा करती रही है कि ताजमहल मूल रूप से तेजोमहालय शिव मंदिर था। संगठन के पदाधिकारी हर वर्ष श्रावण मास में जलाभिषेक और पूजा अर्चना की मांग उठाते रहे है। इसी क्रम में इस बार भी जलाभिषेक कार्यक्रम की घोषणा की गई थी।
प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ताजमहल एक सुरक्षित स्मारक है और वहां सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि की अनुमति नहीं दी जा सकती जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित हो। प्रशासन का कहना है कि शांति और सुरक्षा बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।
घटना के बाद यह मुद्दा एक बार फिर शहर में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि पुलिस की सतर्कता के चलते स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्व बनी रही और किसी भी तरह की बड़ी व्यवस्था की सूचना नहीं मिली।





