Agra Metro Update: लगातार हो रही बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। इसका असर अब आगरा मेट्रो परियोजना पर भी दिखाई देने लगा है। यमुना नदी पर बन रहे करीब 200 करोड़ रूपये की लगात वाले मेट्रो पुल के निर्माण कार्य को एहतियातन आंशिक रूप से रोक दिया गया है। नदी के बीच स्थित दो पिलरों पर फिलहाल काम बंद कर दिया गया है, जबकि जलस्तर पर लगातार नजर रखने के लिए 12 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
जलस्तर बढ़ने से रुका निर्माण कार्य: (Agra Metro Update)
नई दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश के चलते यमुना नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे में करीब दो मीटर तक पहुंच गया। इसके चलते नदी के बीच बनाए जा रहे दो पिलरों पर निर्माण कार्य रोक दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जलस्तर में दो से चार मीटर की और वृद्धि होती है तो नदी के बीच स्थित चार से पांच अन्य पिलरों पर भी काम अस्थाई रूप से रोकना पड़ सकता है।
सुरक्षा के तहत हटाई गई मशीनें और निर्माण सामग्री
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नदी की तलहटी में मौजूद शटरिंग, मशीनें और अन्य निर्माण सामग्री को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। चार छोटी और दो बड़ी मशीनों के साथ छह शटरिंग भी ऊंचे हिस्से में शिफ्ट की गई हैं, ताकि अचानक जलस्तर बढ़ने पर किसी प्रकार का नुकसान ना हो। इसके अलावा नदी किनारे और निर्माण स्थल की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए 12 सीसीटीवी कैमरे सक्रिय किए जाते हैं। इंजीनियरों की टीम हर समय जलस्तर और निर्माण क्षेत्र की निगरानी कर रही है।
200 करोड़ रूपये की लगात से बन रहा है पुल
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से कालिंदी विहार तक विकसित किए जा रहे दूसरे मेट्रो कॉरिडोर के तहत यमुना नदी पर यह विशेष पुल बनाया जा रहा है। इस परियोजना पर करीब 200 करोड़ रूपये खर्च किए जा रहे हैं। पुल के लिए कुल आठ पिलर बनाए जा रहे हैं, जिनमें से छह नदी के बीच स्थित हैं और दो किनारों की ओर हैं।वर्तमान में नदी के बीच स्थित दो पिलरों पर काम रोक दिया गया है, जबकि किनारे वाले पिलरों पर निर्माण जारी है।
जलस्तर सामान्य होने के बाद फिर शुरू होगा कार्य
यूपीएमआरसी अधिकारियों के अनुसार, जलस्तर कम होने के बाद नदी के बीच स्थित पिलरों पर दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल परियोजना की सुरक्षा और श्रमिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान जलस्तर में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है, इसलिए निर्माण एजेंसियों पहले से सुरक्षा प्रबंधन के साथ काम कर रही हैं। यदि मौसम सामान्य रहता है तो जलस्तर घटने के बाद परियोजना की गति फिर से तेज की जाएगी।











