Agra News: आगरा में एडीए (आगरा विकास प्राधिकरण) की ओर से सील की गई दुकानों को खुलवाने का झांसा देकर एक कारोबारी से 1.19 लाख रूपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली व्यक्ति बताते हुए पहले भरोसा जीता और फिर एडीएम कार्यालय में तैनात स्टेनो होने का दावा कर रूपये ऐंठ लिए। मामला सामने आने के बाद पीड़ित ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की, जिसके आधार पर सदर थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
दुकान की सील खुलवाने का दिया भरोसा
राजपुर चुंगी, शमशाबाद रोड निवासी कारोबारी शिवांजल उपाध्याय ने पुलिस को बताया कि उनकी दो दुकानों को नक्शा संबंधी कमी के कारण एडीए ने सील कर दिया था। इसी दौरान छिपीटोला निवासी आर्यन नमक युवक उनसे मिला और खुद को पुलिस लाइन का ठेकेदार बताते हुए कहा कि उसकी एडीए अधिकारियों की अच्छी पहचान है। उसने भरोसा दिलाया कि वह जल्द ही दुकानों की सील खुलवा देगा।
खुद को एडीए का स्टेनो बताकर मांगे रूपये
पीड़ित के अनुसार, आर्यन ने उनकी मुलाकात प्रतापपुरा स्थित एक होटल में राजा नाम के व्यक्ति से कराई। राज ने खुद को एडीएम का स्टेनो बताते हुए दावा किया कि 15 दिनों के भीतर दुकानों की सील हटवा दी जाएगी। इसके बदले उनसे 1.50 लाख रूपये की मांग की। बातचीत के दौरान कारोबारी को शक हुआ तो उन्होंने पूरी मुलाकात की हिडन कैमरे से वीडियो रिकॉर्डिंग भी कर ली।
भरोसा दिलाने के बाद आरोपियों ने अलग-अलग माध्यमों से रकम लेनी शुरू कर दी। पीड़ित ने पहले 50 हजार रूपये नकद दिए। इसके बाद यूपीआई के जरिए 9 हजार, 13 हजार, 2 हजार, और 5 हजार रूपये ट्रांसफर किए गए। इसके अलावा 40 हजार रूपये नगद भी दिए गए। इस तरह कुल 1.19 लाख रूपये आरोपियों के पास पहुंच गए।
सच सामने आने पर धमकी देने का आरोप
कुछ दिनों बाद जब कारोबारी ने आरोपी से दोबारा संपर्क किया तो राजा ने स्वीकार किया कि वह एडीएम का स्टेनो नहीं है और आर्यन के कहने पर झूठ बोल रहा था। जिस व्यक्ति को मंडलायुक्त कार्यालय का पीआरओ बताया गया था, उसने भी खुद को आवास विकास विभाग का अधिवक्त बताया। जब पीड़ित ने अपने रूपये वापस मांगे तो आर्यन ने पुलिस कमिश्नर तक पहुंच होने की धमकी देकर मामला दबाने की कोशिश की।
वीडियो और कॉल रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंपी: (Agra News)
पीड़ित कारोबारी ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस आयुक्त से की और हिडन कैमरे की वीडियो रिकॉर्डिंग तथा कॉल रिकॉन्डिंग भी सबूत के रूप में उपलब्ध कराई। शिकायत के आधार पर सदर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी डिजिटल और दस्तावेजी सबूत की जांच की जा रही है। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साबूत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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