Agra News: शहर में हुई रुक-रुक कर बारिश ने एक बार फिर नगर निगम की नाला सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। मंगलवार शाम शुरू हुई बारिश के बाद बुधवार सुबह तक शहर के 25 से अधिक इलाकों में जलभराव कि स्थिति बनी रही। सबसे अधिक परेशानी VIP रोड से जुड़ी खेरिया मोड़-अजीत नगर गेट रोड पर देखने को मिली, जहां करीब दो-दो फिट तक पानी भर गया। सड़क पर कई छोटे वाहन फंस गए और लोगों को घंटों तक जाम व आवागमन की समस्या झेलनी पड़ी।
VIP रोड पर सबसे ज्यादा असर
बारिश के बाद VIP रोड पर पानी भरने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को काफी दिक्कत हुई। सड़क किनारे खड़ी कई कारों के पहिये पानी में डूब गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश रुकने के कई घंटे बाद भी पानी की निकासी नहीं हो सकी, जिससे कार्यालय जाने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को परेशानी उठाने पड़ी।
अलबतिया रोड, पृथ्वीनाथ फाटक, 100 फीट रोड, मानस नगर, एमजी रोड, रामबाग और आवास विकास सहित कई इलाकों में लंबे समय तक जलभराव बना रहा। कई स्थानों पर दुकानों के सामने पानी भर गया, जिससे कारोबार भी प्रभावित हुआ। लोगों का कहना है कि हल्की से मध्यम बारिश में ही यदि यह हाल है तो लगातार बारिश होने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है।

सीएम ग्रिड योजना के कार्य भी बने परेशानी की वजह
शहर में सीएम ग्रिड योजना के तहत कई स्थानों पर सड़क खुदाई और निर्माण कार्य जारी है। दिल्ली गेट, कालिंदी विहार, इन्द्रपुरम और कोठी मीना बाज़ार – मारुति एस्टेट मार्ग पर निर्माण कार्य धीमी रफ़्तार के कारण कीचड़ और जलभराव ने लोगों की मुश्किले बढ़ा दी। कई जगह सड़क संकरी होने के कारण ट्रैफिक भी प्रभावित हुई, जबकि कुछ स्थानों पर सड़क धंसने की शिकायतें भी सामने आई।
मानसून से पहले नगर निगम ने सभी प्रमुख नलों की सफाई पूरी होने का दावा किया था। अधिकारियों के अनुसार शहर में 410 नाले है, जिनमें 18 बड़े, 151 मध्यम और 141 छोटे नाले शामिल है। दावा किया गया था कि 15 जून सभी नालों की सफाई पूरी कर ली जाएगी, लेकिन पहली प्रभावी बारिश के बाद ही कई इलाकों में जलभराव ने इन दावों की हकीकत सामने ला दी।
डीएम की सख्ती के बावजूद नहीं बदले हालात: (Agra News)
हाल ही में जिला प्रशासन की समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में हालात सामान्य नहीं हो सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थायी समाधान के बिना हर बारिश में यही स्थिति दोहराई जाती है। मौसम विभाग के अनुसार 1 से 7 जुलाई के बीच जिले में सामान्य से लगभग 8 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। इसके बावजूद थोड़ी देर की बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में तेज बारिश होती है तो जलभराव की समस्या और बढ़ सकती है।
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