Agra News: आगरा में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़े जनविरोध में बदलता दिखाई दे रहा है। शहर के कई इलाकों में बिजली उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर लगने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए खुलकर विरोध किया। गुस्साए लोगों ने कई स्थानों पर मीटर को उखाड़ दिया और सड़क पर फेंक दिया। इस घटना से बिजली विभाग को भारी आर्थिक नुकसान होने की बात सामने आ रही है।
जानकारी के अनुसार, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के तहत शहर में बड़ी संख्या में स्मार्ट मीटर लगाई जा रहे थे। शुरुआत में इसे बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने कि पहल मन गया, लेकिन कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल पहले की तुलना में ज्यादा आने लगे हैं। यही नाराजगी अब विरोध का कारण बनती जा रही है।
1000 से 1500 मीटरों को नुकसान
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के मुताबिक विरोध प्रदर्शन के दौरान करीब 1,000 से 1,500 स्मार्ट मीटर को नुकसान पहुंचा है। विभागीय अनुमान के अनुसार इन मीटरों की कीमत करोड़ों रूपये बताई जा रही है। एक स्मार्ट मीटर की कीमत लगभग 8 हजार की बताई जा रही है। ऐसे में इतने बड़े स्तर पर हुए नुकसान ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
उपभोक्ताओं ने लगाई बड़ी गंभीर आरोप
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली की खपत से ज्यादा बिल आने लगे है। कुछ उपभोक्ताओं का आरोप है कि पहले जहां सीमित बिल आता था, वही अब भुगतान राशि बढ़ गई है। प्रीपेड सिस्टम को लेकर भी लोगों के बीच दुविधा बना हुआ है। उपभोक्ता का कहना है कि जब तक विभाग स्पष्ट जानकारी प्रापदर्शिता नहीं देगा, तब तक विरोध जारी रह सकता है। कई इलाकों में लोगों ने विभागीय टीमों का विरोध भी किया।
अन्य जिलों में भी बढ़ी चिंता (Agra News)
मथुरा सहित आसपास के जिलों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहां के भी उपभोक्ता जानना चाहते हैं कि स्मार्ट मीटर से उनके बिजली बिलों पर क्या असर पड़ेगा। इस विवाद ने पूरे क्षेत्र में बिजली उपभोक्ताओं के बीच नई बहस छेड़ दी है। बिजली विभाग के सामने अब सब से बड़ी चुनौती उन स्थानों पर दुबारा मीटर लगाने की है, जहां विरोध के दौरान मीटर उखाड़ दिए गए।
साथ ही विभाग को उपभोक्ताओं का भरोसा वापस जितने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर काम करना होगा। अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर बिजली व्यवस्था को पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन लोगों की शिकायतों का समाधान करना भी उतना ही जरूरी है। फिलहाल आगरा में स्मार्ट मीटर का मुद्दा आम लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है। आने वाले दिनों में विभाग इस विवाद को कैसे संभालता है, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेगी।
Agra News: आगरा नगर निगम में हड़ताल: घायल सफाईकर्मी को मदद न मिलने पर कर्मचारियों का काम बंद







