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Agra Crime: आगरा में 76 करोड़ का GST फर्जीवाड़ा, दोस्त के नाम पर फर्जी फर्म खोलकर किया करोड़ों का लेन-देन

Published On: May 11, 2026
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Agra News: आगरा GST फर्जीवाड़ा मामला
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Agra Crime: आगरा में जीएसटी चोरी और फर्जी लेन-देन का बड़ा मामला सामने आया है। राज्य कर विभाग की जांच में एक ऐसी फर्म का खुलासा हुआ है, जिसके जरिए चार महीने के भीतर करीब 76.15 करोड़ रूपये का लेन-देन किया गया। आरोप है कि आरोपी ने अपने ही दोस्त को लालच देकर उसके नाम पर फर्जी फर्म खोल ली और उसी के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का खेल किया गया। मामले में राज्य कर अधिकारी की तहरीर पर लोहामंडी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

पंजाब नेशनल बैंक की बैंक कॉलोनी शाखा की ओर से राज्य कर विभाग को संदिग्ध बैंक खाते की सूचना दी गई थी। बैंक प्रबंधक ने बताया पार्श्वनाथ प्रेरणा प्लाजा ताजनगरी के पते पर पंजीकृत फर्म के खाते में दिसंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच लगभग 76.15 करोड़ रूपये का लेन-देन हुआ। यह कारोबार घोषित व्यापार की तुलना में काफी अधिक पाया गया। सूचना मिलने के बाद राज्य कर विभाग ने मामले की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि फर्म का संचालन वास्तविक कारोबारी गतिधियों के बिना किया जा रहा था और दस्तावेजों के आधार पर फर्जी लेन-देन दिखाई गए थे।

विभागीय जांच में पता चला कि आरोपी सुमित जिंदल ने आर्थिक लाभ का लालच देकर दिनेश अग्रवाल के नाम पर फर्म खुलवाई थी। आरोप है कि दिनेश अग्रवाल को फर्म के कारोबार और लेन-देन की पूरी जानकारी तक नहीं थी। पूछताछ में उन्होंने बताया कि सुमित जिंदल उन्हें समय-समय पर बुलाकर चेक और अन्य दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते थे। जांच अधिकारियों का कहना है कि फर्म के जरिए केवल कागजी कारोबार दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट पास कराया गया। इससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाने की आशंका है।

जांच में यह भी सामने आया कि करीब 17 करोड़ रूपये का लेन-देन शिव ट्रेडर्स नाम की फर्म से किया गया। यह फर्म भी सीमित जिंदल के नाम से पंजीकृत बताई जा रही है। विभागीय अधिकारियों को संदेह है कि कई फर्मों का इस्तेमाल कर टैक्स चोरी और फर्जी बिलिंग का नेटवर्क तैयार किया गया था। राज्य कर विभाग अब बैंक खातों, लेन-देन और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते है

राज्य कर विभाग के अनुसार, आरोपी का नाम पहले भी टैक्स चोरी के मामलों में सामने आ चुका है। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2018 में भी एक फर्म पंजीकृत कराई गई थी, जिसका रजिस्ट्रेशन बाद में वर्ष 2020 में निरस्त कर दिया गया था। उस फर्म पर करीब नौ करोड़ रूपये का बकाया भी बताया गया है। इस पुराने रिकॉर्ड के आधार पर विभाग आरोपी की अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की भी जांच कर रहा है।

डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि राज्य कर अधिकारी की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। लोहामंडी पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी फर्म के जरिए किन-किन लोगों और कंपनियों से लेन-देन किया गया। वही राज्य कर विभाग भी यह जांच कर रहा है कि फर्जी बिलिंग के जरिए कितने लोगों ने लाभ लिया और सरकारी राजस्व को कितना नुकसान पहुंचा गया।

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Manoj Sharma

मनोज शर्मा एक डिजिटल न्यूज़ राइटर हैं, जो आगरा और उत्तर प्रदेश की ताज़ा खबरें, क्राइम अपडेट्स और स्थानीय मुद्दों पर लिखते हैं। इनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है।

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