Agra News: आगरा में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और अवैध निर्माणों पर नियंत्रण के उद्देश्य से आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) अपनी सीमा का बड़ा विस्तार करने जा रहा है। लंबे समय से लंबित इस प्रस्ताव को अब अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रस्ताव के तहत पहले चरण में 98 नए गांवों को एडीए सीमा में शामिल किया जाएगा, जबकि कुल 303 गांवों को चिह्नित किया गया है। सीमा विस्तार के बाद ADA का क्षेत्रफल मौजूदा 1056.55 हेक्टेयर से बढ़कर 2000 हेक्टेयर से अधिक हो जाएगा।
एडीए अधिकारियों के अनुसार इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य शहर के सुनियोजित विकास को गति देना और अनियोजित कॉलोनियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। पिछले कुछ वर्षों में आगरा के बाहरी क्षेत्रों में तेजी से आवासीय और व्यावसायिक निर्माण हुए है। इनमें कई निर्माण बिना मानकों और अनुमति के किया गए, जिससे भविष्य में बुनियादी सुविधाओं और यातयात व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है। ऐसे में एडीए अब अपने नियंत्रण क्षेत्र को बढ़ाकर इन इलाकों को विकास योजनाओं से जोड़ने की तैयारी में है।
303 गांव किए गए चिन्हित
प्राधिकरण द्वारा सीमा विस्तार के लिए कुल 303 गांवों की पहचान की गई है। इनमें से पहले चरण में 98 गांवों को शामिल किया जाएगा। नई योजना के तहत फतेहाबाद और शमसाबाद नगर पालिका क्षेत्र के साथ-साथ किरावली और अछनेरा नगर पंचायत क्षेत्र को भी एडीए के दायरे में लाने की तैयारी है। इससे इन इलाकों में होने वाले निर्माण कार्यों की निगरानी आसान हो सकेगी और अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।
अधिकारियों का मानना है कि सीमा विस्तार के बाद जिले की करीब 10 लाख आबादी सीधे तौर पर एडीए की विकास योजनाओं और नियंत्रण क्षेत्र में आ जाएगी। इससे, सड़क, सीवर, जल निकासी और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा।
2008 से लंबित थी प्रक्रिया (Agra News)
एडीए उपाध्यक्ष एम. अरुणमोली के अनुसार सीमा विस्तार की प्रक्रिया वर्ष 2008 से लंबित थी। जनवरी 2023 में शासन स्तर पर निर्देश मिलने के बाद मंडलायुक्त की अध्यक्षता में एक सीमित गठित की गई थी। करीब 14 महीने तक विभिन्न विभागों से रिपोर्ट लेने और क्षेत्रीय अध्ययन के बाद नया प्रस्ताव तैयार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद संबधित क्षेत्रों में विकास कार्यों की नई रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसके साथ ही भवन निर्माण मानकों और नक्शा स्वीकृत प्रक्रिया को भी सकती से लागू किया जाएगा।
पहले भी बढ़ चुकी है एडीए की सीमा
गौरतलब है कि आगरा विकास प्राधिकरण के गठन के समय वर्ष 1973 में इसके अंतर्गत 144 गांव शामिल थे। वर्ष 1998 में अंतिम बार पांच गांवों को शामिल किया गया था, जिसके बाद कुल संख्या 168 हो गई थी, अब नए प्रस्ताव में 21 गांवों की बाहर किया गया है, क्यूंकि वे यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में शामिल हो चुके हैं। शहर के विस्तार और बढ़ती आबादी को देखते हुए एडीए का यह कदम आने वाले वर्षों में आगरा के शहरी विकास के लिए अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि योजना प्रभावी तरीके से लागू हुई तो अवैध निर्माणों पर रोक लगेगी और शहर का विकास अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा।
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